Advance Tax Payment September 15 Deadline: किसे भरना है, कौन है छूट प्राप्त और देरी पर लगने वाला पेनल्टी – पूरा विवरण

Advance Tax Payment भारत में एडवांस टैक्स (Advance Tax Payment) को “पे ऐज़ यू अर्न टैक्स” भी कहा जाता है। यानी करदाता को पूरे साल में अपनी अनुमानित आय के अनुसार टैक्स को चार किस्तों में जमा करना होता है। वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए दूसरी किस्त की डेडलाइन 15 सितंबर 2025 थी।

Advance Tax Payment September 15 Deadline: किसे भरना है, कौन है छूट प्राप्त और देरी पर लगने वाला पेनल्टी – पूरा विवरण

अगर किसी करदाता की सालाना कर देनदारी ₹10,000 से अधिक है, तो उसे एडवांस टैक्स भरना अनिवार्य होता है। अगर समय पर टैक्स नहीं भरा गया तो आयकर अधिनियम की धारा 234B और 234C के तहत हर महीने 1% ब्याज देना पड़ता है।

एडवांस टैक्स कौन भरता है?

  • कोई भी करदाता जिसकी सालाना टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे अधिक है, उसे एडवांस टैक्स भरना होता है।
  • सैलरी वाले लोगों को एडवांस टैक्स से छूट है अगर उनके नियोक्ता द्वारा सही TDS काटा गया हो और कोई अन्य आय न हो।
  • लेकिन अगर किसी कर्मचारी को अतिरिक्त आय है जैसे – कैपिटल गेन, हाउस प्रॉपर्टी से आय, या अन्य इनकम सोर्स, तो उन्हें भी एडवांस टैक्स भरना होगा।
  • सीनियर सिटिजन (60 वर्ष या उससे अधिक) को एडवांस टैक्स भरने से छूट है, यदि उनकी आय बिज़नेस या प्रोफेशन से नहीं है।

एडवांस टैक्स भुगतान की समयसीमा (FY 2025-26)

तिथि (Due Date)देय राशि (Percentage of Net Tax Liability)
15 जून तक (Q1)15%
15 सितंबर तक (Q2)45% (पहले से भरे टैक्स को घटाकर)
15 दिसंबर तक (Q3)75% (पहले से भरे टैक्स को घटाकर)
15 मार्च तक (Q4)100% (पहले से भरे टैक्स को घटाकर)

अगर एडवांस टैक्स समय पर नहीं भरा तो?

अगर एडवांस टैक्स समय पर नहीं भरा गया तो 1% प्रतिमाह ब्याज लगेगा।

  • धारा 234B – जब एडवांस टैक्स नहीं भरा गया या बहुत कम भरा गया।
  • धारा 234C – जब तय प्रतिशत के अनुसार किस्तें समय पर नहीं भरी गईं।

धारा 234C के तहत ब्याज कब लगता है?

  • 15 जून तक 12% से कम टैक्स भरा गया हो।
  • 15 सितंबर तक 36% से कम टैक्स भरा गया हो।
  • 15 दिसंबर तक 75% से कम टैक्स भरा गया हो।
  • 15 मार्च तक 100% टैक्स पूरा नहीं भरा गया हो।

किन परिस्थितियों में पेनल्टी नहीं लगेगी?

अगर शॉर्टफॉल निम्न कारणों से है तो धारा 234C के तहत ब्याज नहीं लगेगा –

  • कैपिटल गेन (Capital Gains)
  • लॉटरी या जुए की जीत (Lottery/Gambling)
  • नए बिज़नेस या प्रोफेशन से पहली बार आय
  • डिविडेंड इनकम (Dividend Income)

⚡ शर्त यह है कि ऐसे टैक्स को अगली किस्त या वित्त वर्ष समाप्त होने से पहले जमा करना होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. Advance Tax किसे भरना जरूरी है?
➡️ जिनकी सालाना टैक्स देनदारी ₹10,000 या उससे अधिक है।

Q2. क्या सैलरी वाले कर्मचारियों को एडवांस टैक्स देना होता है?
➡️ नहीं, अगर नियोक्ता सही TDS काट रहा है और कोई अन्य आय नहीं है।

Q3. Advance Tax न भरने पर क्या होगा?
➡️ धारा 234B और 234C के तहत 1% मासिक ब्याज लगेगा।

Q4. क्या सीनियर सिटिजन्स को एडवांस टैक्स देना होगा?
➡️ नहीं, अगर उनकी आय बिज़नेस या प्रोफेशन से नहीं है।

Q5. Advance Tax की आखिरी किस्त कब तक भरनी होती है?
➡️ 15 मार्च तक 100% टैक्स जमा करना अनिवार्य है।

Disclaimer

यह लेख केवल शैक्षिक एवं जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी आयकर विभाग की आधिकारिक गाइडलाइन और अधिनियम पर आधारित है। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने टैक्स सलाहकार या चार्टर्ड अकाउंटेंट से परामर्श अवश्य लें।

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